मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर में स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर रविवार से श्री भारती प्रज्ञा आराधन पखवाड़े की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम 26 जनवरी तक चलेगा और इसकी शुरुआत ऑनलाइन व्याख्यान माला से हुई। स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया गया, और इस अवसर पर युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रविशंकर सिंह ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व आईएएस अधिकारी और विवेकानंद केंद्र के प्रांत संचालक डॉ. डीएन लाल उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. लाल ने स्वामी विवेकानंद के राष्ट्र प्रेम और उनकी देशभक्ति की भावना को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा, “स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और दर्शन को दुनिया भर में फैलाया, और हम सबको उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”
राष्ट्र की सेवा में निभाएं सक्रिय भूमिका
कुलपति प्रोफेसर रविशंकर सिंह ने स्वामी विवेकानंद के योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वामी जी ने भारतीय आध्यात्मिकता और विज्ञान को जोड़ा और वेदांत के वैश्विक दर्शन को फैलाया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों को अपने जीवन में उतारें और राष्ट्र की सेवा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम का संचालन महामाया राजकीय महाविद्यालय श्रावस्ती के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने किया। विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रमोद कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया और स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।