बलरामपुर। जिले में गुरुवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कागज़ों से निकालकर ज़मीन पर दुरुस्त करने की कोशिशें एक बार फिर देखने को मिलीं, जब जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के सिरसिया स्थित भंडारगृह का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि पीडीएस से जुड़ी हर कड़ी—भंडारण से लेकर परिवहन तक—को परखने का प्रयास था, जहाँ अक्सर लापरवाही और देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोदाम की व्यवस्थाओं, उपलब्ध स्टॉक, अनाज उठान की प्रक्रिया और परिवहन व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि लाभार्थियों तक समय से खाद्यान्न पहुँचना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई अब स्वीकार नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने भंडारगृह पर खाद्यान्न उठान के लिए लगाए गए ट्रकों की संख्या की जानकारी लेते हुए यह भी देखा कि क्या निर्धारित संख्या के अनुरूप ही उठान किया जा रहा है या नहीं। उन्होंने निर्देश दिए कि उठान की प्रक्रिया नियमित और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि राशन दुकानों तक खाद्यान्न की आपूर्ति प्रभावित न हो। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि गोदाम स्तर पर होने वाली देरी का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न परिवहन में लगे ट्रकों की जांच करते हुए जिलाधिकारी ने GPS सिस्टम की स्थिति का भी जायजा लिया।
सभी ट्रकों में GPS अनिवार्य
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि सभी ट्रकों में GPS अनिवार्य रूप से लगा होना चाहिए और प्रत्येक वाहन का रूट चार्ट पहले से निर्धारित हो। उनका कहना था कि परिवहन पर निगरानी बढ़ने से न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, बल्कि अनियमितताओं और गड़बड़ियों पर भी प्रभावी रोक लगेगी।इसके साथ ही जिलाधिकारी ने स्टॉक रजिस्टर का अवलोकन कर भंडारगृह में भंडारित अनाज की भौतिक जांच भी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्टॉक का नियमित मिलान किया जाए और सभी अभिलेख सही व अद्यतन रखे जाएँ।

पीडीएस में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम
डीएम ने साफ तौर पर कहा कि पीडीएस व्यवस्था से जुड़े किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस पूरे निरीक्षण को प्रशासनिक सतर्कता के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब खाद्यान्न वितरण से जुड़ी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। जिलाधिकारी का यह दौरा यह संकेत देता है कि जिला प्रशासन पीडीएस व्यवस्था को सिर्फ निर्देशों तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उसे ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में सक्रिय है।निरीक्षण के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योति राय, जिला पूर्ति अधिकारी, गोदाम प्रभारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



