बलरामपुर। जिले में चल रहे महेशभारी-भैसहवा मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य का गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे डीएम ने सीधे निर्माण स्थल का जायजा लिया और काम की गुणवत्ता को लेकर सख्ती दिखाते हुए मौके पर ही सड़क की खुदाई कराकर सामग्री की जांच कराई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कार्यदायी संस्था में हलचल मची रही।डीएम ने जब निर्माण कार्य की प्रगति देखी तो उन्होंने काम की रफ्तार को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि परियोजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि काम में तेजी लाई जाए और तय समयसीमा के भीतर हर हाल में इसे पूरा किया जाए।

गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर देरी या गुणवत्ता में कमी पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग (निर्माण खण्ड) द्वारा राज्य योजना के तहत इस सड़क का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। करीब 18.80 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को पहले 3 मीटर चौड़ा बनाया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 5.50 मीटर किया जा रहा है, ताकि आवागमन सुगम हो सके और ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 27.44 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। शासन स्तर से इसकी मंजूरी 31 मार्च 2025 को दी गई थी और 21 नवंबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू हुआ।
सड़क निर्माण में ढिलाई नहीं चलेगी : डीएम
निरीक्षण के दौरान डीएम ने खास तौर पर आबादी वाले क्षेत्रों में चल रहे कार्यों पर फोकस किया। उन्होंने WMM और CC रोड निर्माण को प्राथमिकता देते हुए इन्हें तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय लोगों को जल्द राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्ता मानकों के साथ किसी तरह का समझौता न किया जाए और हर स्तर पर काम की निगरानी सुनिश्चित की जाए। इस दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। डीएम के सख्त रुख के बाद अब विभागीय अधिकारियों पर काम को समय से और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।

