शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते प्राइवेट स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद होते जा रहे है। विद्यालय प्रबंधन की मनमानी इतनी बढ़ गई है कि अब वह विभागीय आदेशों के साथ ही जिलाधिकारी के आदेशों को भी चुनौती देने से नहीं चूकते। जिसका खामियाजा मासूम छात्रों को उठाना पड़ता है। ताजा मामला नगर के मध्य स्थित सिटी मांटेसरी इंटर कॉलेज का है। जहां अधिकारियों के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए प्राइमरी व जूनियर स्तर के बच्चों का स्कूल संचालित किया गया। एक अभिभावक की सूचना पर जब सद्भावना आवाज़ की टीम मौके का जायजा लेने पहुंची तो विद्यालय के छुट्टी समय तमाम छोटे छोटे बच्चों की तस्वीरें कैमरे में कैद हुई। बताते चले कि जिले ठंड का प्रकोप देखते हुए जिलाधिकारी ने एक से आठ तक के सभी छात्रों का अवकाश घोषित किया था। बावजूद इसके विद्यालय प्रबंध समितियों द्वारा आदेशों को दरकिनार करते हुए विद्यालय संचालित किया गया। इससे पूर्व नगर क्षेत्र में ही रामलीला मैदान के पास संचालित सूर्या पब्लिक स्कूल 16 जनवरी को संचालित रहा। जहां संचालकों के तुगलकी फरमान के आगे स्कूल प्रांगण में छात्र बिना स्वेटर और कोट के आने को मजबूर रहे। इसी क्रम में जीसस एंड मैरी स्कूल भी 4 जनवरी को खुला रहा। विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के बाद नोटिस देकर अधिकारियों ने इतिश्री कर दिया।
विद्यालय संचालक देते है चुनौती
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए के कारण प्राइवेट स्कूल संचालक अधिकारियों के आदेशों को खुली चेतावनी देते नजर आते है। बावजूद इसके शिक्षा विभाग अपनी कुंभकर्णी नींद से जागने को तैयार नहीं है। जब अधिकारियों के नाक के नीचे सीधे तौर पर आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है तो ग्रामीण अंचल क्षेत्रों में कितना आदेशों का पालन होता यह एक यक्ष प्रश्न है।
जिम्मेदार के बोल
अवकाश के आदेश के बावजूद विद्यालय संचालन की सूचना प्राप्त हुई है। विद्यालय को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर जांच करा कर कार्यवाही की जाएगी।- शुभम शुक्ला, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलरामपुर