बलरामपुर। जिले में भू-गर्भ जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। गर्मी शुरू होते ही भांभर क्षेत्र में सरकारी नलों का पानी सूख जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहाड़ी नालों में भी पानी खत्म हो गया है, जिससे पीने के शुद्ध पानी की भारी कमी हो गई है।सरकार द्वारा चलाई जा रही जल जीवन मिशन ग्रामीण योजना का हाल भी खराब है। जिले के 600 गांवों में पानी की टंकी बनाकर जलापूर्ति की योजना है, लेकिन अब तक केवल 300 गांवों में ही टंकी बनी है। इनमें भी सुचारु जलापूर्ति नहीं हो रही है। लगभग 300 गांवों में योजना अधूरी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
खराब हैंडपंप और नलकूप बढ़ा रहे परेशानी
जिले में अधिकांश राजकीय नलकूप और इंडिया मार्का टू हैंडपंप खराब पड़े हैं। इससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, वाहनों की धुलाई और पाइपलाइन टूटने से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
पेट और गुर्दा रोगियों की संख्या बढ़ी
गंदा पानी पीने से जिले में पेट और गुर्दा रोगियों की संख्या बढ़ रही है। तुलसीपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा और हरैया ब्लॉक में पानी की समस्या सबसे ज्यादा है। नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में बोरिंग करना मुश्किल है, जिससे लोगों को सरकारी नलों पर निर्भर रहना पड़ता है।नेपाल के सीमावर्ती गांवों में सरकारी हैंडपंप सूख गए हैं। ऐसे में लोग एसएसबी कैंप से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। पहाड़ी नालों के पानी से लोग कपड़े धोने को मजबूर हैं। गर्मी बढ़ते ही जिले के कई हिस्सों में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है।
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