जिले में हाल ही में 37 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का कार्य पूरा हुआ है, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, छात्रावास, ओवरब्रिज और सड़क निर्माण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले की बुनियादी सुविधाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और जिले के विकास को एक नई दिशा मिली है। इन परियोजनाओं का संचालन शुरू होने से जिले की 27 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए 85.12 करोड़ रुपये की लागत से पंडित अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया गया है। इसके संचालन के लिए प्राचार्य प्रो. राजेश कुमार चतुर्वेदी की तैनाती कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू होने से जिले के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी और उन्हें इलाज के लिए अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, जिले में 9.98 करोड़ की लागत से तुलसीपुर में ड्रग वेयरहाउस का निर्माण भी पूरा हुआ है, जो दवाइयों की आपूर्ति को बेहतर बनाएगा। इसके साथ ही, ब्लड सेपरेटर यूनिट का संचालन भी शुरू किया गया है, जो रक्त की जांच और आपूर्ति में मदद करेगा।
19 करोड़ में बने चार पॉलीटेक्निक और छात्रावास
शिक्षा के क्षेत्र में जिले में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 19 करोड़ रुपये की लागत से चार राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान और एक छात्रावास का निर्माण किया गया है। इससे जिले के युवाओं को इंजीनियरिंग शिक्षा में आसानी होगी और अब उन्हें बाहर जाकर पढ़ाई करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा, इसी साल जिले में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माण भी शुरू हुआ है, जो जिले के शिक्षा क्षेत्र को और मजबूत करेगा।
पूर्ण हुई परियोजनाएं
- पेयजल परियोजनाएं: पिपरी कोल्हुई, चैनपुर, विशुनपुर टनटनवा, हुसैनाबाद ग्रंट, लौकहवा, मदारबक्श और सिसहनिया बरगदही में पाइप पेयजल परियोजनाओं का निर्माण पूरा।
- स्वास्थ्य केंद्र: 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सोलर पावर सिस्टम और सोलर गीजर लगाए गए।
- डायट सुंदरीकरण: डायट का सुंदरीकरण कार्य पूरा।
- पुलिस सुविधाएं: थाना गौरा चौराहा, पचपेड़वा, हरैया, महराजगंज तराई, उतरौला कोतवाली, कोतवाली नगर और देहात कोतवाली में हॉस्टल, बैरक और विवेचना कक्ष का निर्माण।
- होम्योपैथिक कार्यालय: होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी कार्यालय का निर्माण पूरा।
- बालिका इंटर कॉलेज: घुघूलपुर और तेनुई में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का निर्माण।
- कस्तूरबा विद्यालय: नगर क्षेत्र के कस्तूरबा विद्यालय में छात्रावास का निर्माण।
- जिला अस्पताल ओपीडी: जिला मेमोरियल अस्पताल में ओपीडी का निर्माण।
- कान्हा गोशाला: पचपेड़वा नगर पंचायत में कान्हा गोशाला का निर्माण पूरा।
- विद्यालय मरम्मत: 4.39 करोड़ रुपये से 30 प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत पूरी।
- आईटीआई कार्यशालाएं: कटरा शंकरनगर और विशुनपुर पचपेड़वा में आईटीआई प्रशिक्षण कार्यशालाओं का निर्माण।
- राजकीय इंटर कॉलेज: हरैया सतघरवा और घुघूलपुर में 4.18 करोड़ से राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण।
- गो संरक्षण केंद्र: तुलसीपुर के मोतीपुर में 1.60 करोड़ से गो संरक्षण केंद्र का निर्माण।
- पुलिस हॉस्टल: पुलिस लाइन में 5.65 करोड़ से 100 बेड का हॉस्टल तैयार।
- पुलिस आवास: पुलिस लाइन में 12.59 करोड़ से 16 टाइप-A और 32 टाइप-B आवासों का निर्माण।
- स्वास्थ्य केंद्र निर्माण: पचपेड़वा ब्लॉक के इमिलिया कोडर में 2.16 करोड़ से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण।
34.11 करोड़ से बना ओवरब्रिज
जिले में सड़क निर्माण और यातायात सुधार के लिए कई अहम परियोजनाएं चल रही हैं। फुलवरिया बाइपास पर 34.11 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हुआ है, जिससे नगर में वाहनों का दबाव कम हुआ है। इस ओवरब्रिज से बहराइच, गोंडा और उतरौला जाने वाले वाहन सीधे ओवरब्रिज से निकल जाते हैं, जिससे जाम की समस्या में काफी कमी आई है। इसके अलावा, 240.46 करोड़ रुपये की लागत से 70 सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य चल रहा है, जिसमें अब तक 88.97% काम पूरा हो चुका है। यह सड़कें जिले के ग्रामीण इलाकों को मुख्य शहरों से जोड़ने में मदद करेंगी।
6.77 करोड़ से देवीपाटन मंदिर में बढ़ी सुविधाएं
शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में भी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। 6.77 करोड़ रुपये की लागत से यहां गेस्ट हाउस, संपर्क मार्ग और शौचालय जैसी सुविधाएं बनाई गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यहां आने-जाने में कोई दिक्कत न हो।
13 परियोजनाओं को हैंडओवर करने की तैयारी
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत जिले में 99 परियोजनाओं का निर्माण प्रस्तावित हुआ था, जिनमें से 37 परियोजनाओं का निर्माण इस साल पूरा हुआ है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले के सभी नौ ब्लॉकों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और यातायात जैसी सुविधाओं में सुधार करना है। 13 परियोजनाओं को हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिससे इनका संचालन शीघ्र शुरू होगा।डीएम पवन अग्रवाल ने बताया कि इन परियोजनाओं का संचालन शुरू होने से जिले के निवासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से मिलेंगी, और इससे जिले का समग्र विकास होगा।