बलरामपुर | जिले के उतरौला कस्बे से सामने आया फर्जी FSSAI लाइसेंस का मामला जिले की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच में सामने आया है कि करीब ढाई लाख रुपये देकर कूटरचित FSSAI लाइसेंस तैयार कराया गया, जिसके सहारे लंबे समय से भैंसे के मांस का कारोबार खुलेआम चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। मामला तब उजागर हुआ जब खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की टीम ने उतरौला क्षेत्र में नियमित जांच के दौरान हफीज फूड्स नाम से संचालित मीट शॉप के दस्तावेजों की गहन जांच की। लाइसेंस के नंबर और रिकॉर्ड का मिलान करने पर दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाया गया।
कमाई के लालच में फर्जी लाइसेंस
इसके बाद खाद्य विभाग ने तत्काल उतरौला पुलिस को इसकी सूचना दी।पुलिस की विवेचना में सामने आया कि आरोपियों ने आसान कमाई के लालच में फर्जी लाइसेंस बनवाया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जानते थे कि लाइसेंस नकली है, फिर भी उसकी आड़ में मांस की बिक्री कर रहे थे। बताया जा रहा है कि दुकान से रोजाना बड़ी मात्रा में मांस की सप्लाई स्थानीय बाजार में होती थी।पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के निर्देश पर उतरौला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि इस मामले का मुख्य अभियुक्त पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अवैध रूप से चल रही थी दुकान
खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि FSSAI लाइसेंस जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा का प्रमाण होता है। बिना मानकों के संचालित मीट शॉप से संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। यदि समय रहते जांच नहीं होती, तो यह अवैध कारोबार आगे भी चलता रहता।इस प्रकरण के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि इतने समय तक फर्जी लाइसेंस के सहारे दुकान कैसे चलती रही। लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर सख़्त निरीक्षण होता, तो यह मामला पहले ही सामने आ सकता था।फिलहाल पुलिस और खाद्य विभाग संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि फर्जी लाइसेंस कहां से और किसके माध्यम से तैयार कराया गया, और क्या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी जिले में सक्रिय हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच के दायरे को बढ़ाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

