बलरामपुर। आगामी जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए जनपद में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में फील्ड ट्रेनर्स के प्रथम बैच के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को शुभारंभ किया गया।
विकास भवन परिसर स्थित जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर हॉल में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी विपिन कुमार जैन ने किया।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसके आधार पर विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार होती है। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, जिससे आंकड़ों के संकलन, संधारण और विश्लेषण में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी। इसके तहत 7 मई से 21 मई 2026 के बीच नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प मिलेगा, जबकि 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सटीक आंकड़ों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन बेहद जरूरी है। उन्होंने फील्ड ट्रेनर्स से अपेक्षा की कि वे प्रशिक्षण के बाद प्रगणकों और सुपरवाइजर्स को भी बेहतर और व्यावहारिक प्रशिक्षण दें, ताकि पूरी प्रक्रिया त्रुटिरहित ढंग से सम्पन्न हो सके।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण लखनऊ में प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स चन्द्र मणि मिश्र और गोविन्द कुमार (डायट प्रवक्ता) द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में डिजिटल एप्लिकेशन, डेटा संकलन, सत्यापन प्रणाली और अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी, नायब तहसीलदार, मास्टर ट्रेनर और जनगणना प्रभारी महेन्द्र कुमार गुप्ता समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

