बलरामपुर। उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में बलरामपुर के बहुप्रतीक्षित झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर बनने वाला यह दो लेन ओवरब्रिज करीब 292 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। वर्षों से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से जूझ रहे लोगों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत लेकर आई है।राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें बलरामपुर के इस ओवरब्रिज का प्रस्ताव भी शामिल है। यह प्रोजेक्ट लंबे समय से लंबित था और स्थानीय स्तर पर लगातार इसकी मांग उठ रही थी। अब मंजूरी मिलने के बाद इसके निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है बलरामपुर-श्रावस्ती-बहराइच मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक संख्या-136 स्पेशल/3E शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक बाधा बन चुका था। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी और कई बार लोगों को 30 मिनट से लेकर 2 घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता था। यह मार्ग आसपास के कई कस्बों और जिलों को जोड़ता है, जिससे यहां यातायात का दबाव हमेशा बना रहता है।

कैबिनेट के 35 फैसलों में शामिल हुआ बलरामपुर का प्रोजेक्ट
स्थानीय प्रशासन और अनुमानित यातायात आंकड़ों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन 25 से 30 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इसमें दोपहिया, चारपहिया, बसें और मालवाहक वाहन शामिल हैं। यदि प्रति वाहन औसतन 2-3 लोगों की संख्या मानी जाए, तो प्रतिदिन करीब 70 हजार से 1 लाख लोग इस जाम से सीधे प्रभावित होते थे। त्योहारों, सहालग और बाजार के दिनों में यह संख्या और बढ़कर डेढ़ लाख तक पहुंच जाती थी।
मरीज, छात्र और कारोबारियों पर पड़ता था सबसे ज्यादा असर
जाम का सबसे गंभीर असर आपात सेवाओं और आम जनजीवन पर पड़ता था। एंबुलेंस जाम में फंस जाती थीं, जिससे मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा बना रहता था। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र समय पर नहीं पहुंच पाते थे। वहीं व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को रोजाना देरी और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता था।
प्रदूषण घटेगा, कनेक्टिविटी होगी मजबूत
ओवरब्रिज के निर्माण के बाद वाहनों को रेलवे फाटक पर रुकना नहीं पड़ेगा। सीधे पुल के ऊपर से यातायात गुजर सकेगा, जिससे समय की बचत होगी और ट्रैफिक सुचारु रहेगा। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव भी कम होगा और आवागमन पहले से अधिक आसान हो जाएगा।लगातार लगने वाले जाम के कारण क्षेत्र में ध्वनि और वायु प्रदूषण बढ़ रहा था। ओवरब्रिज बनने के बाद इन समस्याओं में कमी आएगी। साथ ही यह मार्ग श्रावस्ती, बहराइच और गोंडा जैसे जिलों को जोड़ता है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
सरकार की मंजूरी के बाद अब परियोजना की टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। निर्माण एजेंसी तय होने के बाद काम शुरू होगा। यदि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होता है, तो आने वाले कुछ वर्षों में यह ओवरब्रिज पूरी तरह तैयार होकर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
