बलरामपुर। गर्मी के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टायफाइड का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी जिला व ग्रामीण अस्पतालों में विशेष डेंगू वार्ड तैयार कर दिए हैं। इन वार्डों में मच्छरदानी युक्त बेड, जरूरी दवाएं और स्टाफ की व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल में 10-10 और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 5-5 बेड आरक्षित किए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में 73 मस्तिष्क ज्वर के मरीज मिले हैं। इनमें जापानी इंसेफेलाइटिस के 16, डेंगू के 37, चिकनगुनिया के 4, स्क्रब टाइफस के 10 और एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम के 19 मरीज शामिल हैं। इस वर्ष अब तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
डेंगू के लक्षण और सावधानी
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि डेंगू के शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार के रूप में दिखते हैं। इसके साथ सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, ग्रंथियों में सूजन और त्वचा पर लाल चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं। डेंगू से शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से कम हो जाती हैं, जिससे गंभीर हालत बन सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं।
स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष इंतजाम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीदत्तगंज में अधीक्षक डॉ. आनंद त्रिपाठी ने डेंगू वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं शिवपुरा के सीएचसी में अधीक्षक डॉ. रजत शुक्ल ने बताया कि सभी आवश्यक दवाओं और संसाधनों की जांच पूरी कर ली गई है।स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि यदि डेंगू या किसी मच्छरजनित बीमारी का मरीज मिले तो उसे तुरंत वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया जाएगा। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि घरों में पानी जमा न होने दें और मच्छर नियंत्रण के उपाय अपनाएं।

