बलरामपुर। जनपद की महत्त्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित परियोजना के निर्माण कार्यों को लेकर जिलाधिकारी ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम का रुख पूरी तरह सख्त और परिणामोन्मुखी नजर आया। उन्होंने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि माननीय द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन एकेडमिक ब्लॉक, एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक और छात्रावास (हॉस्टल) का विस्तृत भ्रमण किया। उन्होंने निर्माण की प्रगति के साथ-साथ गुणवत्ता की भी गहन समीक्षा की। मौके पर मौजूद अधिकारियों से उन्होंने कार्य की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री का प्रयोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने कहा कि यह विश्वविद्यालय जनपद के शैक्षिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, इसलिए इसकी गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में होने के बावजूद कुछ स्थानों पर फिनिशिंग कार्य की गति अपेक्षित नहीं है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पेंटिंग, फ्लोरिंग, विद्युत व्यवस्था, प्लंबिंग और अन्य फिनिशिंग कार्यों में तेजी लाई जाए। इसके लिए अतिरिक्त मजदूर और संसाधन लगाए जाएं ताकि कार्य समयसीमा के भीतर पूर्ण हो सके।साथ ही उन्होंने प्रत्येक कक्षा की उपयोगिता के अनुसार फर्नीचर की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके।

अब होगी साप्ताहिक मॉनिटरिंग
डीएम ने विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे लैंडस्केपिंग और सौंदर्यीकरण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि परिसर को सुव्यवस्थित, स्वच्छ और हरित वातावरणयुक्त बनाया जाए, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।निरीक्षण के दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री स्तर से तय समयसीमा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और कार्यदायी संस्था के साथ समन्वय बनाकर प्रगति सुनिश्चित की जाए।निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब निर्माण कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या धीमी प्रगति पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे। यह जानकारी सूचना विभाग बलरामपुर द्वारा दी गई।

