बलरामपुर। अमृत सरोवर योजना के प्रथम चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निर्धारित लक्ष्य समय से पहले पूरा कर लिया गया है। जिले के सभी नौ विकास खंडों में 284 अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।जिले की 793 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 284 अमृत सरोवरों का लक्ष्य तय किया गया था। इनमें बलरामपुर विकास खंड में 35, गैड़ास बुजुर्ग में 19, गैसड़ी में 30, हरैया सतघरवा में 48, पचपेड़वा में 33, रेहरा बाजार में 27, श्रीदत्तगंज में 31, तुलसीपुर में 33 और उतरौला में 28 सरोवरों का निर्माण कराया गया है।
जल संरक्षण और रोजगार में सहायक
अमृत सरोवर योजना के तहत बने ये सरोवर जल संरक्षण, भूजल स्तर सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। मनरेगा के तहत इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया गया, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार मिला।पचपेड़वा क्षेत्र के किसान रामलाल ने बताया कि सरोवर बनने से गांव में पानी की समस्या काफी हद तक दूर हुई है और सिंचाई में भी सहूलियत मिलेगी। हरैया सतघरवा निवासी शकील अहमद ने कहा कि मनरेगा के तहत रोजगार मिलने के साथ अब सरोवर से पशुओं और खेती दोनों को लाभ हो रहा है।तुलसीपुर क्षेत्र की गीता देवी ने बताया कि पहले बरसात का पानी बेकार चला जाता था, लेकिन अब सरोवर बनने से जल संचयन संभव होगा और पूरे गांव को इसका फायदा मिलेगा।
संरक्षण पर रहेगा विशेष ध्यान
डीसी मनरेगा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रथम चरण के सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए गए हैं। सभी विकास खंडों में लक्ष्य हासिल किया गया है, जो टीम वर्क और सतत निगरानी का परिणाम है।उन्होंने कहा कि आगामी समय में इन अमृत सरोवरों के संरक्षण और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

