बलरामपुर । मच्छरों से फैलने वाले संचारी रोगों की रोकथाम के लिए 1 अप्रैल से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है, जो 30 अप्रैल तक जारी रहेगा। इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, दिमागी बुखार, टीबी और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं और उनकी जांच व उपचार के लिए सूची तैयार कर रही हैं।अभियान की जमीनी हकीकत परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने शनिवार को विकास खंड बलरामपुर के कलवारी गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्य में तेजी और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।सीएमओ ने संचारी रोगों से बचाव के लिए ‘सात का वार’ मंत्र अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि दिमागी बुखार से बचाव के लिए बच्चों का समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है। 9 से 12 माह और 16 से 24 माह के बच्चों को नियमित टीके अवश्य लगवाए जाएं। इसके साथ ही घर और आसपास साफ-सफाई रखने, मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने, केवल स्वच्छ पानी पीने और जल जमाव न होने देने पर विशेष जोर दिया।

ई-कवच पोर्टल पर मरीजों का रिकॉर्ड
उन्होंने कुपोषित बच्चों का विशेष ध्यान रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की भी सलाह दी। सीएमओ ने कहा कि इन आदतों को अपनाकर संचारी रोगों से काफी हद तक बचा जा सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार का बुखार हल्के में न लें और तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं, क्योंकि हर बुखार दिमागी बुखार का रूप ले सकता है।निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच और इलाज के लिए तुरंत अस्पताल भेजा जाए।
बच्चों का टीकाकरण जरूरी
साथ ही लक्षणयुक्त व्यक्तियों का पूरा विवरण ई-कवच पोर्टल पर दर्ज करने को भी कहा।सीएमओ ने कलवारी पंचायत भवन में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता दिवस कार्यक्रम का भी निरीक्षण किया। इस दौरान गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। निरीक्षण के समय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जावेद अख्तर, डीएमओ राजेश पांडेय, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, नीलम तिवारी, जय प्रकाश पांडेय समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी और ग्रामीण मौजूद रहे।

