बलरामपुर। जिले में रसोई गैस की किल्लत लगातार बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने और परची मिलने के बावजूद समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई जगहों पर लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। शनिवार को स्थिति और बिगड़ गई, जब सप्लाई ट्रक नहीं पहुंचा। बालाजी गैस गोदाम पर सुबह 7 बजे ही “गैस उपलब्ध नहीं है” का नोटिस लगा दिया गया। इसके बाद वहां पहुंचे उपभोक्ताओं में भारी निराशा देखने को मिली। दूर-दराज से आए लोग बिना सिलिंडर लिए वापस लौट गए।गैस की किल्लत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग रात 2:30 बजे से ही लाइन में लग रहे हैं। उपभोक्ता याकूब और सतीश ने बताया कि वे रात से कतार में खड़े थे, लेकिन सुबह होने तक भी उनकी बारी नहीं आई। याकूब ने कहा कि सुबह 6 बजे तक वह करीब 40 सिलिंडर पीछे थे और उम्मीद थी कि आज गैस मिल जाएगी, लेकिन अंत में निराशा ही हाथ लगी।
टोकन सिस्टम भी बेअसर, 10-10 दिन से इंतजार
एजेंसी द्वारा टोकन सिस्टम लागू किया गया है, लेकिन यह भी कारगर साबित नहीं हो रहा। उपभोक्ताओं को आगे की तारीख के टोकन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन तय दिन पर भी गैस नहीं मिल रही। कई लोग पिछले 10 दिनों से सिलिंडर का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
धर्मपुर में भी वही हाल, सुबह 3 बजे से कतारें
धर्मपुर स्थित गैस गोदाम पर भी हालात चिंताजनक हैं। यहां लोग तड़के 3 बजे से लाइन में लग रहे हैं, लेकिन सिलिंडर मिलने की कोई निश्चितता नहीं है। लंबी कतारों में खड़े लोग व्यवस्था को लेकर नाराज दिखे और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।

होम डिलीवरी ठप, नौकरीपेशा वर्ग परेशान
गैस की होम डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा और रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। उन्हें बार-बार काम छोड़कर लाइन में लगना पड़ रहा है, जिससे उनकी आय और समय दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
अधिकारियों का दावा—जल्द सुधरेगी स्थिति
इस पूरे मामले में नोडल एलपीजी अधिकारी सूरज शुक्ल का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में जल्द ही होम डिलीवरी व्यवस्था फिर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है और इस पर विचार-विमर्श जारी है।

