बलरामपुर । सरयू नदी पर बना संजय सेतु मरम्मत कार्य के कारण आज से अगले दो महीने के लिए बंद कर दिया गया है। इस अवधि में पुल पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बलरामपुर डिपो की बसों के रूट में बदलाव किया गया है।रूट बदलने से यात्रियों को अब अधिक दूरी तय करनी होगी और किराया भी बढ़ेगा। चलहारी घाट के रास्ते लखनऊ जाने वाली बसों को लगभग 199 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी, जिसका किराया 272 रुपये होगा।अयोध्या मार्ग से जाने पर दूरी 244 किलोमीटर हो जाएगी और किराया 370 रुपये लगेगा। पहले संजय सेतु के रास्ते गोंडा होकर लखनऊ की दूरी 167 किलोमीटर थी, जिसके लिए 231 रुपये किराया लगता था।
पैंटून पुल से हो रहा सीमित आवागमन
डिपो प्रशासन के अनुसार, पुल बंद रहने के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए संजय सेतु के पास दो बसें उपलब्ध रहेंगी। रात में पीपा पुल के माध्यम से सरयू नदी पार करने वाले यात्रियों को इन बसों से बलरामपुर तक पहुंचाया जाएगा।गुरुवार से पैंटून पुल पर केवल हल्के वाहन, जैसे कार, बाइक और छोटे स्कूली वाहन ही चलेंगे। रूट लंबा होने और किराया बढ़ने से परिवहन निगम की आय प्रभावित होने की आशंका है।इस रूट बदलाव का असर रेलवे पर भी देखा जा सकता है।
ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की संभावना
गोरखपुर से बलरामपुर होते हुए लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। वर्तमान में इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग पांच ट्रेनें चलती हैं और करीब तीन हजार यात्री लखनऊ की यात्रा करते हैं। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने अतिरिक्त कोच या नई ट्रेन चलाने की किसी योजना से इनकार किया है।परिवहन विभाग के अनुमान के मुताबिक, डायवर्जन के कारण बसों की आय में गिरावट आ सकती है। डिपो की वर्तमान दैनिक आय लगभग 12.5 लाख रुपये है, जिस पर इस बदलाव का सीधा असर पड़ने की संभावना है।

