सीतापुर । जिले में स्थित आनंदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 16 मई से 31 मई तक आयोजित होने जा रहे आचार्य विकास वर्ग में अवध प्रांत के 13 जनपदों से नवचयनित आचार्य एवं आचार्याएं शामिल होंगे। 15 दिवसीय इस प्रशिक्षण वर्ग में शिक्षकों को नई शिक्षा नीति-2020, आधुनिक तकनीकी आधारित शिक्षण पद्धति और भारतीय संस्कारयुक्त शिक्षा प्रणाली से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
छात्रों के सर्वांगीण विकास पर रहेगा जोर
प्रधानाचार्य राम निवास सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा के बदलते स्वरूप को देखते हुए शिक्षकों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण वर्ग में डिजिटल माध्यमों से शिक्षण, छात्रों के सर्वांगीण विकास, प्रभावी कक्षा संचालन तथा विषयवार पाठ योजना निर्माण जैसे बिंदुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा।वर्ग में शिक्षण कौशल, प्रश्नपत्र निर्माण, व्यवहारिक शिक्षा और संस्कार आधारित शिक्षण पद्धति पर भी कार्यशालाएं आयोजित होंगी।
13 जिलों के शिक्षक होंगे शामिल
प्रशिक्षण के दौरान विद्या भारती के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षाविद शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे। इनमें यतीन्द्र जी, हेमचन्द्र जी, डॉ. राममनोहर जी, डॉ. किरनलता डंगवाल और रामजी सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह प्रशिक्षण वर्ग शिक्षकों को समयानुकूल शिक्षा पद्धति अपनाने और विद्यार्थियों में भारतीय संस्कारों के साथ आधुनिक सोच विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।

