बलरामपुर। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिजली कटौती, पेपर लीक और किसानों की समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने वीर विनय चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को सौंपा गया।प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष ने किया। इस दौरान पूर्व विधायक जगराम पासवान, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रामसागर अकेला समेत कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पेपर लीक मुक्त हो प्रदेश हमारा”, “बिजली कटौती बंद करो”, “महंगाई की मार नहीं सहेंगे”, “किसानों के सम्मान में समाजवादी पार्टी मैदान में” और “नीट पेपर लीक भ्रष्टाचार बंद करो” जैसे नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया।श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की मार झेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटका रही है, जबकि किसान, नौजवान, मजदूर और महिलाएं अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है।
बिजली संकट और किसानों की समस्याएं उठाईं
गैसड़ी विधायक राकेश यादव ने कहा कि बिजली संकट और बढ़ती महंगाई ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों और कस्बों में घंटों बिजली कटौती हो रही है। साथ ही किसानों को खाद की कमी, युवाओं को रोजगार न मिलने और गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने की बात कही।
युवाओं के भविष्य पर चिंता
पूर्व विधान परिषद प्रत्याशी डॉ. भानु तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भरोसा टूटा है। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की। साथ ही किसानों को फसलों का उचित मूल्य और जमीन के मामलों में न्याय दिलाने पर जोर दिया।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें
सपा नेताओं ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में भीषण गर्मी के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति, बढ़ी हुई बिजली दरें वापस लेने, गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी, डीजल-पेट्रोल के दाम नियंत्रित करने, खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने की मांग की।इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं और नीट पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई, सरकारी अस्पतालों में भ्रष्टाचार खत्म करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने, आरक्षण से जुड़े बैकलॉग पद भरने, 69 हजार शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने तथा सुजाव नाले क्षेत्र के किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी शामिल रही।
‘जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती’
प्रदर्शन के समापन पर सपा नेताओं ने कहा कि यदि जनता से जुड़े मुद्दों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो पार्टी गांव-गांव और तहसील स्तर तक जनआंदोलन चलाएगी। नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है।

