बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में ऑडिटोरियम, स्टेडियम, गेस्ट हाउस समेत कई नई परियोजनाओं के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जताते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया है।कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने 21 जुलाई को शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर विश्वविद्यालय के विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक भवन, एकेडमिक ब्लॉक-ए और बी, फैसिलिटी सेंटर, छात्र-छात्राओं के हॉस्टल, कुलपति आवास, शिक्षक एवं कर्मचारी आवास, पुलिस बूथ, सर्वेंट क्वार्टर और पावर हाउस का निर्माण अंतिम चरण में है।विश्वविद्यालय का प्रशासनिक और शैक्षणिक संचालन 20 जुलाई से निर्माणाधीन परिसर से शुरू भी हो चुका है।
चार बड़ी परियोजनाओं का तैयार किया गया प्रस्ताव
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए चार प्रमुख परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें करीब एक हजार लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, 25 कमरों का गेस्ट हाउस, अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंडोर और आउटडोर स्टेडियम तथा परिसर स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण शामिल है।
शोध, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
प्रस्तावित ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन, शोध संगोष्ठियां, दीक्षांत समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। वहीं गेस्ट हाउस बनने से बाहर से आने वाले शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और अतिथि वक्ताओं के ठहरने की सुविधा मिलेगी।स्टेडियम के निर्माण से विद्यार्थियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी और विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम होगा।
तालाब सौंदर्यीकरण से बढ़ेगी कैंपस की सुंदरता
विश्वविद्यालय परिसर स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना भी प्रस्ताव में शामिल की गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे परिसर का वातावरण बेहतर होगा और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए शांत एवं बेहतर माहौल मिलेगा।
कुलपति ने मुख्यमंत्री से परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत कराने और संबंधित विभागों को निर्माण प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नई सुविधाओं के विकसित होने से मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय प्रदेश के प्रमुख आधुनिक शिक्षण संस्थानों में अपनी पहचान बना सकेगा।
