बलरामपुर। शहर मुफ़्ती एवं जामिया अरबिया अनवारुल कुरआन अरबी डिग्री कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य मौलाना मोहम्मद मसीह अहमद कादरी के निधन पर गुरुवार को कॉलेज परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान छात्रों ने सामूहिक रूप से कुरआनख्वानी की, जबकि शिक्षकों और कर्मचारियों ने दिवंगत शहर मुफ़्ती की मगफिरत की दुआ करते हुए उन्हें जन्नत में आला मुकाम अता करने की प्रार्थना की।
धार्मिक शिक्षा के लिए समर्पित रहा पूरा जीवन
कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य मुफ्ती मुजम्मिल अख्तर मिस्बाही ने कहा कि मौलाना मसीह अहमद कादरी ने अपना पूरा जीवन धार्मिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों के नैतिक व चारित्रिक निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले अनेक छात्र आज देश-विदेश में दीन की सेवा कर रहे हैं और संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं।

सादगी और निष्पक्षता से जीता लोगों का विश्वास
कारी फरियाद हुसैन और कारी इकरार अहमद कादरी ने कहा कि मौलाना मसीह अहमद कादरी अपनी सादगी, अनुशासनप्रियता और विद्वता के लिए जाने जाते थे। शहर मुफ़्ती के रूप में उन्होंने धार्मिक और सामाजिक मामलों में निष्पक्ष मार्गदर्शन देकर लोगों का भरोसा जीता। उनके फैसलों और सलाह ने समाज को हमेशा सही दिशा देने का काम किया।
संस्थान के विकास में निभाई अहम भूमिका
मौलाना नूर अहमद, मौलाना सब्बीर अहमद और हाजी शाहिद महमूद ने कहा कि दिवंगत शहर मुफ़्ती ने समाज को अनेक योग्य उलेमा और धार्मिक शिक्षक दिए। जामिया अरबिया अनवारुल कुरआन अरबी डिग्री कॉलेज के विकास, निर्माण और शैक्षिक उन्नयन में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन को जिले के शैक्षिक और धार्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया।श्रद्धांजलि सभा के अंत में सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों ने सामूहिक रूप से दुआ कर मौलाना मोहम्मद मसीह अहमद कादरी की मगफिरत की कामना की तथा शोक संतप्त परिवार को सब्र अता करने की प्रार्थना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।

