बलरामपुर। सदर तहसील में प्रशासनिक अधिकारियों और लेखपालों के बीच बढ़ा विवाद अब सीधे आम जनता की सेवाओं पर असर डालने लगा है। एसडीएम और लेखपाल संघ के बीच हुई कथित कहासुनी के बाद मंगलवार से लेखपालों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इसके चलते किसान रजिस्ट्री, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्रों के सत्यापन, भूमि संबंधी रिपोर्ट और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।मंगलवार सुबह 10 बजे उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की सदर तहसील इकाई के बैनर तले बड़ी संख्या में लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने एसडीएम से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
बैठक में शुरू हुआ विवाद
लेखपाल संघ के अनुसार सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे तहसील सभागार में एसडीएम अतुल कुमार सिंह की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक चल रही थी। बैठक के दौरान तहसील अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने किसान रजिस्ट्री और अन्य राजस्व कार्यों में आ रही क्षेत्रीय समस्याओं का मुद्दा उठाया। आरोप है कि इस पर एसडीएम ने उन्हें फटकार लगाते हुए बैठक से बाहर जाने को कहा और मौखिक रूप से निलंबन के निर्देश भी दे दिए।इस घटना के बाद लेखपालों ने देर रात आपात बैठक कर इसे कर्मचारी सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए आंदोलन का निर्णय लिया।धरना शुरू होने से पहले लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एसडीएम से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और भविष्य में कर्मचारियों के सम्मान का ध्यान रखने की मांग की गई। संघ का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जनता पर पड़ सकता है सीधा असर
लेखपालों के कार्य बहिष्कार से सबसे अधिक परेशानी किसानों और ग्रामीणों को उठानी पड़ सकती है। तहसील में जमीन से जुड़े मामलों, किसान रजिस्ट्री, फसल सत्यापन, राजस्व अभिलेखों, सरकारी योजनाओं के सत्यापन और अन्य जरूरी कार्यों में देरी की आशंका है। यदि हड़ताल लंबी चली तो आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
माफी की मांग पर अड़े कर्मचारी
तहसील अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कहा कि कर्मचारी अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। यदि आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति बनती है तो इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी।धरने में तहसील मंत्री नेहा मिश्रा, अमित तिवारी, सुशील कुमार, प्रीति गुप्ता, मनीष कुमार गुप्ता, पुनीत मिश्रा, दुष्यंत श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, राहुल सिंह सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।

