लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सोमवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार विधानसभा सत्र को केवल औपचारिकता के तौर पर चला रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार के पास सिर्फ चार दिन बचे हैं तो विधानसभा सत्र भी चार दिन का ही रखा गया है।अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र का पहला दिन श्रद्धांजलि में निकल जाएगा। दूसरे दिन अयोध्या में राम मंदिर में हुई कथित चोरी के मामले पर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करेगी। तीसरे दिन प्रयागराज समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुए छात्र आंदोलनों के मुद्दे से बचने की कोशिश होगी और चौथे दिन सरकार जल्द से जल्द सत्र समाप्त करने का प्रयास करेगी।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विधानसभा की गरिमा को महत्व नहीं दे रही है और सिर्फ सत्र आयोजित करने की परंपरा पूरी कर रही है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा को भी पता है कि वह दोबारा सत्ता में नहीं लौटेगी, इसलिए सरकार का यह मानसून सत्र भी “चलाचली का सत्र” बनकर रह गया है।
बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाएगी सपा
सपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायक बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बिजली दरों, एक्सप्रेस-वे और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले को भी सदन में उठाया जाएगा।अखिलेश यादव ने जौहर विश्वविद्यालय और जेपीएनआईसी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बेहतर जेपीएनआईसी बनाया जाएगा।
26 हजार स्कूल बंद होने का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने इस दौरान पीडीए ऑडिट-4 जारी करते हुए प्रदेश सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 26 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।उन्होंने कहा कि स्कूलों के विलय (मर्जर) के कारण 28 लाख बच्चों का नामांकन घट गया है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में 62 हजार से अधिक शिक्षकों की संख्या कम हुई है और 81 हजार से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। उन्होंने सरकार पर नई भर्तियां नहीं करने का आरोप लगाया।
जेपीएनआईसी पर बोले- नया बनाएंगे
जेपीएनआईसी को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि अब उनकी प्राथमिकता बदल गई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार या कोई अन्य जेपीएनआईसी लेना चाहता है तो ले सकता है। समाजवादी पार्टी नए स्थान पर नया जेपीएनआईसी बनाएगी।उन्होंने कहा कि नया संग्रहालय ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा, जो समाजवादी आंदोलन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के योगदान की याद दिलाएगा।अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद विधानसभा सत्र से पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया का इंतजार है।

