लखनऊ। योगी सरकार ने संस्कृत शिक्षा और उच्च शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वाराणसी स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों को गति देने के लिए अनुपूरक बजट में 5 करोड़ रुपये की विशेष धनराशि का प्रावधान किया गया है। इस राशि का इस्तेमाल विश्वविद्यालय में चल रही निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
भारतीय ज्ञान परंपरा का केंद्र है विश्वविद्यालय
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। विश्वविद्यालय के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के पूरा होने से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और शोध करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
संस्कृत और संस्कृति संरक्षण पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अनुपूरक बजट में किया गया यह प्रावधान विश्वविद्यालय के विकास को नई दिशा देगा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार करेगा।
भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार होगा विश्वविद्यालय
5 करोड़ रुपये की धनराशि से विश्वविद्यालय में जरूरी निर्माण कार्यों को रफ्तार मिलेगी। इससे परिसर का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

