बलरामपुर। मान्यवर कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना में लंबे समय से चली आ रही अनियमितताओं पर कार्रवाई के बाद शुक्रवार को 243 पात्र एवं आवासविहीन परिवारों को आवास आवंटन पत्र वितरित किए गए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक पल्टूराम, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन तथा नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र सौंपे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र गरीब परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक पात्रों तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन को जनता दर्शन, जनसुनवाई और निरीक्षण के दौरान लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वर्ष 2010 में बने 600 कांशीराम आवासों में कई जगह मूल आवंटियों की जगह अन्य लोग रह रहे हैं, कुछ मकान किराये पर दे दिए गए हैं और कई आवास वर्षों से बंद पड़े हैं। शिकायतों के बाद नगर पालिका परिषद और जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम ने व्यापक स्थलीय सत्यापन कराया।
216 अवैध कब्जे, 259 आवास मिले बंद
सत्यापन में 216 आवासों पर अवैध कब्जा और 259 आवास लंबे समय से बंद मिले। प्रशासन ने सभी संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। जांच के बाद अवैध कब्जे वाले 216 आवासों का आवंटन निरस्त कर दिया गया। बंद मिले आवासों के आवंटियों को 15 दिन के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया।निर्धारित अवधि में 101 आपत्तियां प्राप्त हुईं। संयुक्त जांच समिति ने इनमें से 27 आपत्तियों को सही पाया, जबकि 74 आपत्तियां निराधार निकलीं। इसके बाद 25 अप्रैल 2026 को कुल 436 आवासों का आवंटन निरस्त कर दिया गया।

305 आवेदन आए, 243 परिवार पात्र मिले
रिक्त हुए आवासों के पुनः आवंटन के लिए 30 अप्रैल से 10 मई 2026 तक आवेदन मांगे गए। समाचार पत्रों, नोटिस बोर्डों और प्रचार माध्यमों से व्यापक जानकारी दी गई। कुल 305 आवेदन प्राप्त हुए। जिलाधिकारी की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति ने सभी आवेदनों का सत्यापन किया, जिसमें 243 परिवार पात्र और 62 आवेदक अपात्र पाए गए।
गरीब परिवारों को मिली नई उम्मीद
शुक्रवार को इन्हीं 243 पात्र परिवारों को आवास आवंटन पत्र वितरित किए गए। प्रशासन का कहना है कि इस पहल से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को स्थायी आवास मिलेगा और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी। भविष्य में भी किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी शिव नारायण सिंह, परियोजना अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी डूडा लालचंद मौर्य, प्रबंधक अखिलेश सिंह, महेंद्र कुमार, देवेश कुमार, कृष्णमुनि, नगर पालिका परिषद के जेई (सिविल) अवनीश यादव, राजस्व निरीक्षक राजेश कुमार, जेई (जल) धर्मेंद्र कुमार गौड़ सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे।

