लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से राजधानी के कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बक्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के साथ हवाई सर्वेक्षण भी किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। इसके चलते कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल क्षेत्र में हुई भारी बारिश का पानी नीचे आने से गोमती का जलस्तर भी बढ़ा है।उन्होंने बताया कि बक्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज क्षेत्र जलभराव से प्रभावित हैं। सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और राहत एवं बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

फैजुल्लागंज से नैमिष तक होगा नदी का सर्वे
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती नदी पर तटबंध बनने से असमय आने वाली बाढ़ से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। इसके लिए फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती नदी का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद तटबंध निर्माण की व्यवस्था की जाएगी।तटबंध के बाहर आने वाले गांवों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पानी निकासी की भी व्यवस्था की जाएगी। सिंचाई विभाग की ओर से पंपिंग सेट लगाकर गांवों से पानी निकालने का काम किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
