सद्भावना आवाज़
उत्तरप्रदेश
दांव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते।
टूट सकते हैं, मगर हम झुक नहीं सकते।
भारतीय राजनीति के अजातशत्रु रहे अटल बिहारी वाजपेयी को दी गई श्रद्धांजलि, कभी भूले नहीं जा सकते ,पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मारक है। साल 2018 में आज ही के दिन दिल्ली के एम्स में अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। अटल बिहारी वाजपेयी को 2015 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज पुण्यतिथि है। अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया।सदैव अटलश् पूर्व प्रधानमंत्री का स्मारक है। साल 2018 में आज ही के दिन दिल्ली के एम्स में अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। अटल बिहारी वाजपेयी को 2015 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
अटल इरादों और मजबूत संकल्पशक्ति
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि युग-पुरुष भारत रत्न से विभूषित पूर्व प्रधानमंत्री परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण आदरांजलि। उनसे प्रेरणा प्राप्त करते हुए हम सदैव अटल इरादों और मजबूत संकल्पशक्ति से स्वयं को नए भारत के निर्माण के लिए समर्पित करते हैं।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी ने मां भारती के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण खपाया। उन्होंने भारतीय राजनीति में गरीब कल्याण व सुशासन के नए युग की शुरुआत की और साथ ही विश्व को भारत के साहस व शक्ति का भी अहसास कराया। आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें नमन।बहुआयामी और कालजयी महानायक अटल बिहारी वाजपेयी भले ही दैहिक रूप से हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनकी सोच, उनका चिंतन, उनकी कृति और उनके शब्द करोड़ों भारतीयों के लिए आदर्श हैं और उनके किस्से हमारे बीच में अक्सर सुनाई देते हैं।
नहीं की थी शादी

वाजपेयी जी ने शादी नहीं की थी, यह हम सभी को पता है। लेकिन उनसे इंटरव्यू में यह सवाल बार-बार किए जाते थे कि आपने शादी क्यों नहीं की? एक इंटरव्यू के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने बताया कि घटनाक्रम ऐसा चलता गया कि मैं उसमें उलझ गया और विवाह का मुहूर्त ही नहीं निकल पाया। इसके साथ ही उनसे सवाल किया गया कि कभी अफेयर हुआ? मुस्कुराते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने जवाब दिया था कि ऐसी बातें सार्वजनिक रूप से नहीं की जाती। मजाक मजाक में अटल बिहारी वाजपेयी ने तो एक बार यह भी कह दिया था कि वह अविवाहित है, परंतु कुंवारे नहीं हैं।अटल बिहारी वाजपेयी को फिल्मों का बड़ा शौक था। वह अपने दोस्तों के साथ नजदीकी सिनेमा हॉल में अक्सर जाते थे और फिल्म देखते थे। इसके साथ ही वह जब भी तनाव में होते तो फिल्में देखना उन्हें पसंद था। एक बार दिल्ली के नयाबांस का उपचुनाव था। भाजपा की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने जीत के लिए कड़ी मेहनत की थी। लेकिन पार्टी चुनाव हार गई। दोनों में नाराजगी थी लेकिन अचानक अटल जी ने कहा- चलो फिल्म देखते हैं और फिर दोनों फिल्म देखने चले गए।

जब बिना बताए हुआ था पीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर नाम का ऐलान
तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने 1995 के मुंबई सार्वजनिक तौर पर यह ऐलान कर दिया था कि अटल बिहारी वाजपेयी ही भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। तब कई लोगों को आश्चर्य भी हुआ था। तभी अटल बिहारी वाजपेयी ने तुरंत आडवाणी से पूछा यह आपने क्या कर दिया? मुझसे पूछ तो लिया होता। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी को जवाब देते हुए आडवाणी ने कहा पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते अधिकार रखता हूं।कविता प्रेम अटल बिहारी वाजपेयी का पहला प्रेम कविता ही बताया जाता है। अटल बिहारी वाजपेयी शानदार कवि थे। उन्हें कवि सम्मेलनों में जाना बेहद ही पसंद था। हालांकि उच्च पदों पर पहुंचने के बाद वह इन सम्मेलनों में शामिल नहीं हो पाते थे जिसकी वजह से निराश भी हो जाते थे। इसके अलावा वह अपने आलोचकों को भी ध्यान से सुनते थे और उनकी तारीफ करते थे।अटल बिहारी वाजपेयी की दोस्ती सभी को पता है। अपने विरोधी दलों के नेताओं के साथ भी उनकी दोस्ती काफी चर्चा में रहती थी। पीवी नरसिम्हा राव जब देश के मुख्यमंत्री थे तब ऐसे कई फैसले थे जो वह अटल बिहारी वाजपेयी से पूछ कर लिया करते थे। नरसिम्हा राव अटल बिहारी वाजपेयी को अपना राजनीतिक गुरु माना करते थे। साथ ही एक बार अटल बिहारी वाजपेयी ने मनमोहन सिंह को इस्तीफा देने से रोका था।
दरअसल, मामला तब का है जब पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे। मनमोहन सिंह ने अपना बजट भाषण संपन्न किया तो अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में उनकी खूब आलोचना की। मनमोहन सिंह इससे आहत हो गए और उन्होंने प्रधानमंत्री गांव को अपना इस्तीफा पेश कर दिया। राव साहब ने तुरंत वाजपेयी जी को फोन कर पूरी कहानी बताई। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी और उन्हें समझाया था की आलोचना राजनीतिक है, इसे व्यक्तिगत नहीं लेना चाहिए। अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर मनमोहन सिंह हमेशा उनसे मिलने जाया करते थे।
जब पाकिस्तानी महिला पत्रकार ने अटल जी से कहा- मैं आपसे शादी करना चाहती हूं, मुंह दिखाई में कश्मीर चाहिए! जानें क्या दिया था पीएम ने जवाब
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी उन राजनेताओं में से एक हैं जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है। अटल बिहारी वाजपेयी के ऐसे कई किस्से हैं जो आप सभी ने सुने या पढ़े होंगे। आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं जो आपको हैरान कर देगी।भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी उन राजनेताओं में से एक हैं जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है। अटल बिहारी वाजपेयी के ऐसे कई किस्से हैं जो आप सभी ने सुने या पढ़े होंगे। आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं जो आपको हैरान कर देगी। जी हां दरअसल यह किस्सा पाकिस्तान से जुड़ा है और हम सब भी ये बखूबी जानते हैं कि वाजपेयी जी ने कभी भी शादी नहीं की। दरअसल एक बार पाकिस्तान की एक महिला पत्रकार ने अटल जी से कहा था, आप कुंवारे हैं, मैं आपसे शादी करने के लिए तैयार हूं। लेकिन आपको मुझे मुंह दिखाई में कश्मीर देना पड़ेगा।लाहौर यात्रा पर गये अटल बिहारी वाजपेयी से जैसे ही महिला पत्रकार ने यह सवाल पूछा वहां पर मौजूद सभी पाकिस्तानी हैरान रह गये और महिला की तारीफ करने लगे लेकिन क्लाइमेक्स अभी बाकि था। अटल बिहारी वाजपेयी ने महिला पत्रकार के प्रपोजल को स्वीकार किया और कहा कि मैं तुमसे शादी करने के लिए तैयार हूं लेकिन दहेद में पूरा पाकिस्तान चाहिए! भारत के प्रधानमंत्री के इस जवाब ने महिला पत्रकार के साथ साथ पूरे देश का मुंह बंद कर दिया और लहौर में भी अपने इरादों का झंडा गाड़ दिया। अटल बिहारी वाजपेयी के जवाब ने सभी को हैरान कर दिया।दूसरी ओर उन्हें एक बार कहा गया था, अटलजी आदमी अच्छे हैं लेकिन वह गलत पार्टी में हैं।ष् तो उन्होंने कहा, श्अगर मैं वास्तव में अच्छा आदमी हूँ, तो मैं गलत पार्टी में कैसे हो सकता हूँ? गलत पार्टी में, मैं एक अच्छा आदमी कैसे हो सकता हूं? अगर फल अच्छा है, तो पेड़ को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है।श्श् उनकी बातें लोगों के दिलों में उतर गईं। एक बार पाकिस्तान के एक प्रधानमंत्री ने बेहद आपत्तिजनक बयान दिया। पाकिस्तान कश्मीर के बिना अधूरा है। हालांकि अटल बिहारी वाजपेयी का जवाब था ष्पाकिस्तान के बिना भारत अधूरा है।अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसे नेता थे जिन्होंने कई बार पाकिस्तान से संबंध सुधारने की कोशिश की लेकिन फिर भी पाकिस्तान ने हर बार धोखा दिया. यहां तक कि उन्होंने 1999 में दिल्ली से लाहौर के लिए बस सेवा भी शुरू की थी। हालांकि, तीन महीने बाद ही कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा था।
बलरामपुर सीट से जीतकर संसद पहुंचे



