सद्भावना आवाज़
जीवन मंत्र
गुरुवार, 28 सितंबर को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है, इसे अनंत चतुर्दशी कहते हैं, इस तिथि पर गणेश जी प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। अनंत चतुर्दशी पर गणेश जी के साथ ही देवी दुर्गा, शिव जी, भगवान विष्णु और गुरु ग्रह की विशेष पूजा जरूर करें। पूजा-पाठ के अलावा इस दिन जरूरतमंद लोगों को दान-पुण्य भी करें। अनंत चतुर्दशी पर गणेश पूजा के घर में ही प्रतिमा का विसर्जन किसी साफ बर्तन में कर सकते हैं। जब पानी में प्रतिमा घुल जाए, तब ये पानी और मिट्टी घर के गमले में डाल सकते हैं। जानिए अनंत चतुर्दशी पर कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं.
पूजा से भक्तों की जल्दी पूरी होती मनोकामनाएं

पूजा में गणेश जी के मंत्रों का जप करें। जप कम से कम 108 बार करें। गणेश जी के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। पूजा करके दूर्वा की 21 गांठ चढ़ाएं। भगवान के सामने बैठकर मंत्र जप करें। ये हैं गणेश जी के खास मंत्र – ऊँ मोदाय नम:, ऊँ प्रमोदाय नम:, ऊँ सुमुखाय नम:, ऊँ दुर्मुखाय नम:, ऊँ अविध्यनाय नम:, ऊँ विघ्नकरत्ते नम:। अनंत चतुर्दशी पर किसी गरीब को भोजन कराएं। जरूरतमंद लोगों धन, अनाज, जूते-चप्पल और कपड़ों का दान करें। शास्त्रों में लिखा है कि कलौ चंडी विनायकौ यानी कलयुग में गणेश जी और देवी चंडी शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इनकी पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं।

इसीलिए अनंद चतुर्दशी पर गणेश के साथ ही मां दुर्गा की पूजा करें और ऊँ ऐं क्लीं चामुंडायै विच्चे, मंत्र का जप करें। अनंद चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा महालक्ष्मी के साथ करनी चाहिए। देवी-देवता की प्रतिमाओं का अभिषेक करें। अभिषेक के लिए पंचामृत, दूध और जल का इस्तेमाल करें। जल चढ़ाने के बाद सुंदर वस्त्र अर्पित करें। चंदन से तिलक करें। देवी को कुमकुम चढ़ाएं। हार-फूल से श्रृंगार करें। मिठाई का भोग तुलसी के पत्तों के साथ करें। धूप-दीप जलाएं और आरती करें।
शिवलिंग रूप में की जाती बृहस्पति की पूजा


