बलरामपुर। छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मंगलवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के सभागार में जिला अभ्यास वर्ग आयोजित किया। एक दिन चले इस प्रशिक्षण वर्ग में जिले की नौ नगर इकाइयों से पहुंचे 117 प्रमुख कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारियों का पाठ पढ़ाया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांत सह मंत्री मुकेश सोनी, प्रांत सह मंत्री अनिकेत श्रीवास्तव, प्रांत जनजातीय कार्य प्रमुख डॉ. अरुण कुमार, जिला प्रमुख डॉ. अनुज सिंह, विभाग संयोजक आदर्श तिवारी, जिला संयोजक रोहन और विभाग संगठन मंत्री अनुज जी ने दीप प्रज्वलित कर किया।अभ्यास वर्ग में पांच अलग-अलग सत्रों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को अभाविप की कार्य पद्धति, सदस्यता अभियान, परिसर गतिविधियों, सेवा कार्यों, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र चिंतन जैसे विषयों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल छात्र हितों तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित कर समाज निर्माण में भागीदारी बढ़ाना भी है।
‘ज्ञान, शील और एकता’ के मंत्र पर दिया जोर
वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को अभाविप के मूल मंत्र ज्ञान, शील और एकता को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, सेवा भावना और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दिया जा सकता है।
युवा नेतृत्व तैयार करने पर फोकस
प्रांत प्रवासी के रूप में मौजूद प्रांत सह मंत्री अनिकेत श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यार्थी परिषद युवाओं को नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराती है। संगठन के माध्यम से विद्यार्थी सामाजिक विषयों को समझते हैं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार होते हैं।अभ्यास वर्ग के दौरान छात्र हितों से जुड़े मुद्दों, संगठन विस्तार और सामाजिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ किया गया। इस अवसर पर अभाविप के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

