ट्रस्ट के पत्र पर बनी थी एसआईटी
सीएम योगी ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जांच की मांग किए जाने के बाद सरकार ने एसआईटी गठित की थी। जांच में साक्ष्यों के आधार पर आठ लोगों की भूमिका सामने आई, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में किसी संत या धार्मिक व्यक्ति की भूमिका नहीं मिली है। इसके बावजूद संत समाज और मंदिर व्यवस्था पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘हंगामा करना विपक्ष की आदत बन गई’
विधानसभा में विपक्ष के हंगामे पर भी मुख्यमंत्री ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने सदन की मर्यादा का पालन नहीं किया। प्लेकार्ड लहराना और अध्यक्ष पीठ की अवमानना करना बेहद निंदनीय है। सीएम ने कहा कि जो लोग नियमों और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करते, वे लोकतंत्र की बात नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भ्रम फैलाने वाली राजनीति कर रहा है।
राम-कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कभी भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे आज अयोध्या और आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने की घटना को देश भूला नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या आज विश्व स्तर पर पहचान बना रही है और उत्तर प्रदेश की बदलती छवि कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रही है।
‘यूपी की नई पहचान को खराब करने की कोशिश’
सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन आस्था, धार्मिक स्थलों और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।

