बलरामपुर। गुप्त नवरात्र की महाअष्टमी पर बुधवार को सिद्धपीठ मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मां के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। बलरामपुर सहित आसपास के जिलों और पड़ोसी देश नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे।सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालु हाथों में चुनरी, नारियल, फूल और प्रसाद लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भक्तों ने मां पाटेश्वरी के दरबार में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं खुशहाली की कामना की।
नेपाल और आसपास के जिलों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
महाअष्टमी के विशेष पर्व को लेकर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। दर्शन के बाद भक्तों के चेहरों पर संतोष और आस्था की झलक दिखाई दी। श्रद्धालुओं का कहना था कि मां के दरबार में पहुंचने से मन को शांति मिलती है और मां सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।दर्शन करने पहुंची श्रद्धालु बबली ने बताया कि गुप्त नवरात्र की महाअष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि मां पाटेश्वरी के दर्शन से मन को सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति मिलती है। उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की और कहा कि अधिक भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारु रही।शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी ने बताया कि महाअष्टमी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर में पेयजल, साफ-सफाई, पंक्तिबद्ध दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन का प्रयास है कि दूर-दराज से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बिना किसी परेशानी के मां के दर्शन हो सकें।

