बलरामपुर। जिले में बन रहे छोटे पुलों (लघु सेतु) की गुणवत्ता परखने के लिए मंगलवार को जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। डीएम ने मौके पर पहुंचकर काम की रफ्तार और इस्तेमाल हो रही निर्माण सामग्री की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा कि पुल निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। मानकों की अनदेखी मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।डीएम ने सबसे पहले हरिहरगंज–ललिया–बनकटवा मार्ग पर झिन्ने नाला में बन रहे 3×18.75 मीटर आरसीसी लघु सेतु का निरीक्षण किया। इसके बाद बेला मार्ग के पठानपुरवा से रजगढ़वा मार्ग स्थित घोड़हवा नाला पर निर्माणाधीन 7×4×4 मीटर बॉक्स कल्वर्ट और कोडरी–मथुरा–चौधरीडीह मार्ग पर बन रहे लघु सेतु की स्थिति देखी।
मौके पर जांची सीमेंट
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता को परखा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीमेंट, सरिया, कंक्रीट और अन्य सामग्री का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलों की मजबूती से लोगों की सुरक्षा जुड़ी है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

समय पर पूरा हो काम
डीएम ने निर्माण एजेंसी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरे कराए जाएं। संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए काम में तेजी लाने को कहा गया।उन्होंने कहा कि निर्माण के हर चरण की नियमित निगरानी की जाए और तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन कराया जाए। किसी भी प्रकार की कमी सामने आने पर तत्काल सुधार कराया जाए।
ग्रामीणों को मिलेगा बेहतर आवागमन
जिले में बन रहे इन लघु सेतुओं के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। बरसात के दौरान नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरने में होने वाली परेशानी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

