बलरामपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में आयोजित जनसभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हसीब खान ने घटना पर कड़ा रोष जताते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है। हसीब खान ने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर उसके स्पर्श या उपस्थिति को अपवित्र मानना सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में ऐसी सोच के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। देश का संविधान सभी नागरिकों को समानता, सम्मान और सामाजिक न्याय का अधिकार देता है।
बोले- सिर्फ खड़गे का नहीं, संवैधानिक मूल्यों का अपमान
कांग्रेस नेता ने कहा कि हल्द्वानी में खड़गे की जनसभा के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ की कथित घटना को केवल एक राजनीतिक घटनाक्रम मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह सामाजिक बराबरी और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना सिर्फ खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि उस संवैधानिक व्यवस्था का भी अपमान है, जो भेदभाव खत्म करने और समानता स्थापित करने की बात करती है।
हसीब खान बोले- मानसिकता बदलने की जरूरत
उन्होंने कहा कि छुआछूत और भेदभाव जैसी सोच आज भी समाज में मौजूद होना चिंता का विषय है। किसी व्यक्ति की जाति उसके सम्मान का आधार नहीं हो सकती। ऐसी विभाजनकारी मानसिकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
सामाजिक एकजुटता की अपील
हसीब खान ने कहा कि समाज को जाति और भेदभाव की दीवारों से ऊपर उठकर समानता और भाईचारे को मजबूत करना होगा। उन्होंने लोगों से ऐसी सोच के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक मजबूती तभी संभव है, जब हर व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के सम्मान मिले।

