अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर बयानबाजी के बीच कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने आजम खां से जेल में अखिलेश यादव की मुलाकात को चुनावी जुमला बताते हुए मुस्लिमों की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा उठाया। राजभर ने सवाल किया कि आखिर मुसलमान कब तक दूसरों के लिए दरी बिछाता रहेगा और सत्ता में अपनी हिस्सेदारी क्यों नहीं मांगता? राजभर ने कहा कि आजम खां लंबे समय से जेल में हैं, लेकिन अखिलेश यादव उनसे मिलने अब पहुंचे हैं। उन्होंने इस मुलाकात को चुनावी नजरिए से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी भाजपा का डर दिखाकर मुस्लिमों से वोट मांगती है। उनके मुताबिक, मुस्लिम समाज को केवल चुनाव के समय राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग करनी चाहिए।
सपा-कांग्रेस के गठबंधन पर भी तंज
ओम प्रकाश राजभर ने सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 170 सीटें नहीं देगी। तंज कसते हुए कहा कि दोनों दल सीटों पर विचार-विमर्श करते रहेंगे और इसी बीच चुनाव आ जाएगा। कांग्रेस सीटों के लिए दौड़ते-दौड़ते थक जाएगी।राजभर ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वह समाजवादी पार्टी के साथ रह चुके हैं। उनके अनुसार, सपा अपने सहयोगियों को इतना दौड़ाती है कि आखिरकार वे परेशान होकर अलग हो जाते हैं।
मुस्लिम सियासत और गठबंधन पर गरमाई बयानबाजी
राजभर के इस बयान ने मुस्लिम मतदाताओं की राजनीतिक भागीदारी और विपक्षी गठबंधन की रणनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर उन्होंने अखिलेश यादव की आजम खां से मुलाकात पर सवाल उठाए, तो दूसरी ओर सपा-कांग्रेस के संभावित सीट बंटवारे को लेकर निशाना साधा। उनके आरोपों पर सपा और कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आने पर राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
