बलरामपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार की दोपहर सभी को चौंकाते हुए अचानक इंटरमीडियट के परीक्षा का परिणाम जारी किया। सेंट जेवियर्स हाई स्कूल में उस समय खुशी का माहौल देखने को मिला, जब सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। परिणाम आते ही स्कूल परिसर में उत्साह फैल गया और छात्रों की सफलता पर तालियों की गूंज सुनाई देने लगी। बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया और पूरा माहौल जश्न में बदल गया। किसी छात्र की आंखों में मेहनत की चमक थी तो कोई दोस्तों के साथ सेल्फी लेकर इस पल को कैमरे में कैद कर रहा था। मिठाइयों का दौर चला, शिक्षकों ने छात्रों को गले लगाकर बधाई दी और अभिभावकों के चेहरे पर गर्व साफ नजर आया। विद्यालय की छात्रा सायना मिश्रा ने 97.2 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉप किया। वहीं सिद्धिता सिंह ने 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। प्रतीक सिंह 93.2 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहे। अभ्युदय ने 92.8 प्रतिशत और अनिकेत सिंह व सिद्धांत पांडेय ने 92.4-92.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप प्रदर्शन करने वाले छात्रों में जगह बनाई। रिजल्ट घोषित होते ही स्कूल परिसर में छात्रों की भीड़ जुट गई।

मेधावी छात्रों ने किया शानदार प्रदर्शन
- सायना मिश्रा – 97.2%
- सिद्धिता सिंह – 95.6%
- प्रतीक सिंह – 93.2%
- अभ्युदय – 92.8%
- अनिकेत सिंह – 92.4%
- सिद्धांत पांडेय – 92.4%
- अलीजा राशिद – 92.2%
- सौरभ शुक्ला – 91.8%
- वीरभद्र त्रिपाठी – 90.8%
- वैष्णवी यादव – 90.8%
- अच्युत – 89.8%
- तनमय पांडेय – 89.6%
- हिमेश पटेल – 89.4%
रिजल्ट आते ही झूम उठे छात्र
कोई अपने अंक देखकर खुशी से उछल पड़ा तो किसी ने तुरंत अपने माता-पिता को फोन कर खुशखबरी दी। छात्र-छात्राएं हाथों में रिजल्ट लेकर एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। कई अभिभावकों ने बच्चों को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। स्कूल प्रबंधन ने भी मेधावी छात्रों का सम्मान किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि यह सफलता केवल छात्रों की मेहनत का परिणाम नहीं, बल्कि शिक्षकों की लगन और अभिभावकों के सहयोग का भी नतीजा है। उन्होंने कहा कि स्कूल हमेशा बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने का प्रयास करता रहा है और इस बार का रिजल्ट उसी का प्रमाण है।

टॉपर्स की जुबानी सफलता की कहानी
सायना मिश्रा (97.2%)
“मैंने शुरुआत से ही नियमित पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। सोशल मीडिया और मोबाइल में AI का उपयोग करके मैंने अपनी पढ़ाई में मदद ली। जब भी कोई टॉपिक समझ में नहीं आता था, तो मैं तुरंत अपने शिक्षकों से पूछ लेती थी। मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा मनोबल बढ़ाया और हर कदम पर मेरा साथ दिया।
सिद्धिता सिंह (95.6%)
“मैंने कभी पढ़ाई का दबाव नहीं लिया। रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ाई करने की आदत बनाई। परीक्षा के समय टाइम मैनेजमेंट सबसे ज्यादा काम आया। अच्छे अंक आने से बहुत खुशी है।”
प्रतीक सिंह (93.2%)
“ऑनलाइन नोट्स और स्कूल के क्लासरूम लेक्चर दोनों से तैयारी की। मैंने हर विषय को बराबर समय दिया। परिवार और शिक्षकों के सपोर्ट के बिना यह संभव नहीं था।”
अभ्युदय (92.8%)
“मैंने पिछले साल के प्रश्नपत्रों की खूब प्रैक्टिस की। इससे परीक्षा पैटर्न समझने में मदद मिली। रिजल्ट देखकर बहुत अच्छा लग रहा है और आगे भी इसी तरह मेहनत जारी रखूंगा।”
अनिकेत सिंह (92.4%)
“सफलता का सबसे बड़ा मंत्र अनुशासन है। मैंने पढ़ाई के लिए रोज का शेड्यूल बनाया और उसी के अनुसार तैयारी की। शिक्षकों ने हर कदम पर मार्गदर्शन किया, जिसका फायदा रिजल्ट में मिला।”
स्कूल परिसर में रहा जश्न का माहौल
रिजल्ट घोषित होते ही स्कूल परिसर खुशी और उत्साह से भर गया। छात्र-छात्राएं अपने दोस्तों के साथ फोटो खिंचवाते और शिक्षकों के साथ सफलता के यादगार पल साझा करते नजर आए। कई अभिभावकों की आंखों में बच्चों की कामयाबी की खुशी साफ झलक रही थी। पूरे दिन स्कूल में बधाइयों, मिठाइयों और उत्सव जैसा माहौल बना रहा। विद्यार्थियों की शानदार सफलता ने कैंपस को खुशियों से सराबोर कर दिया।

