बलरामपुर। बलरामपुर में घरेलू रसोई गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था में फैली अव्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। आए दिन गैस एजेंसियों पर अनियमितता, अभद्रता, कालाबाजारी और चक्का जाम जैसे आरोप सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को प्रशासन की ओर से एसडीएम, तहसीलदार, पूर्ति अधिकारी और नोडल अधिकारी ने विभिन्न गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बालाजी गैस गोदाम पर अधिकारियों ने लगभाग 5 से 6 को सिलेंडर लेते हुए पकड़ा, जिस पर एजेंसी को फटकार तो लगाई गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुईरविवार होने के बावजूद उपभोक्ताओं की परेशानियों को देखते हुए गैस वितरण के लिए सुबह से ही लंबी लाइनें लग गईं। बालाजी गैस गोदाम पर लोग तड़के सुबह से पहुंच गए, क्योंकि शनिवार को भी वहीं से वितरण हुआ था। कुछ देर बाद करीब सुबह 8 बजे मैनेजर ने लोगों से छोटे परेड मैदान में जाकर लाइन लगाने को कहा और बताया कि वहीं गैस वितरण होगा।

घंटों इंतजार से परेशान उपभोक्ताओं
कड़ी धूप में घंटों इंतजार कर रहे लोगों, खासकर महिलाओं की हालत बेहद खराब हो गई। इसी दौरान सदर तहसीलदार निरीक्षण के लिए छोटे परेड पहुंचे तो लोगों को उम्मीद जगी कि अब गैस जरूर मिलेगी, लेकिन जब अधिकारी केवल औपचारिकता निभाकर लौटने लगे तो जनता का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा, “एक घंटे हमारी जगह लाइन में खड़े होकर देखिए, तब पता चलेगा परेशानी क्या होती है।”इसके बाद नाराज उपभोक्ताओं ने तुलसीपुर मार्ग पर प्रदर्शन शुरू कर दिया और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद”, “विधायक मुर्दाबाद” के नारे लगाए और गैस एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने की मांग की।

ओटीपी लेकर भी सिलेंडर न देने पर भड़के उपभोक्ता
प्रदर्शनकारियों का सबसे गंभीर आरोप यह रहा कि एजेंसी कर्मचारी होम डिलीवरी के नाम पर पहले ही उपभोक्ताओं से मोबाइल पर आने वाला ओटीपी ले लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई-कई हफ्तों तक सिलेंडर घर नहीं पहुंचता। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि डिजिटल रिकॉर्ड में डिलीवरी सफल दिखाने के लिए पहले ही ओटीपी ले लिया जाता है, जबकि धरातल पर लोग खाली सिलेंडर लेकर भटकते रहते हैं।सड़क पर बढ़ते तनाव और भीड़ की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर प्रभारी मनोज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि गैस वितरण में हो रही गड़बड़ियों को दूर कराया जाएगा।
उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा
पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद ही लोगों ने जाम समाप्त किया, जिससे यातायात दोबारा सुचारु हो सका।इस पूरे घटनाक्रम ने गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के प्रति जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार चक्का जाम, मारपीट, गाली-गलौज और कालाबाजारी के आरोप सामने आने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे लगातार सबूत और शिकायतें दे रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की आंखें मानो बंद हैं और फाइलों में सब “ऑल इज़ वेल” दिखाया जा रहा है।

