लखनऊ। राजधानी की सड़कों पर छुट्टा गौवंशों की समस्या एक बार फिर चर्चा में है। सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के सरसवां गांव में शुक्रवार शाम एक आठ वर्षीय बच्ची पर गौवंश के हमले की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद एक बार फिर शहर में आवारा पशुओं की रोकथाम को लेकर सवाल उठने लगे हैं।सरसवां निवासी राजमिस्त्री सनोद कुमार की बेटी सुनैना पड़ोसी के घर जा रही थी। रास्ते में घूम रहे छुट्टा गौवंश ने अचानक उस पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गौवंश ने बच्ची को कई बार उठाकर जमीन पर पटक दिया। बच्ची की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े और काफी मशक्कत के बाद उसे बचाया।परिजन घायल बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज किया गया। पिता का कहना है कि बच्ची अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और आगे के इलाज को लेकर आर्थिक परेशानी भी सामने आ रही है।
हर सड़क पर बना हुआ है खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में छुट्टा पशु सड़कों पर घूमते रहते हैं। कई बार ये सड़क के बीचों-बीच बैठ जाते हैं या अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं। इससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और दुर्घटना की स्थिति बन जाती है।गोमतीनगर विस्तार, रिंग रोड, सीतापुर रोड, कानपुर रोड, कैंट क्षेत्र समेत कई इलाकों में लोगों ने छुट्टा पशुओं की समस्या को लेकर चिंता जताई है।
कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहा सिलसिला
नगर निगम की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ने का दावा किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर इनकी मौजूदगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि केवल अभियान चलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि स्थायी व्यवस्था की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी चुनौती कायम
सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाले हादसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी चिंता जता चुका है। पशुओं की पहचान, टैगिंग, आश्रय स्थलों तक पहुंचाने और जिम्मेदारी तय करने को लेकर निर्देश दिए गए हैं।राजधानी के लोगों का कहना है कि जब तक सड़कों से छुट्टा पशुओं का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होगा, तब तक सुरक्षित सफर की उम्मीद अधूरी ही रहेगी।
