गोंडा। एक रिटायर्ड फौजी और उनके परिवार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में तीन आरोपियों को न्यायालय ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। ये आरोपी पिछले पांच महीने से फरार चल रहे हैं, जिसके बाद देहात कोतवाली पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है।यह घटना बीते 16 नवंबर को देहात कोतवाली क्षेत्र के कोईली जंगली गांव में हुई थी। पूर्व फौजी आनंद यादव और उनके परिवार के सदस्य किशन लाल व दशरथ लाल यादव पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। आनंद यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका लखनऊ में लगभग एक महीने तक इलाज चला था।जिन तीन आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया गया है, उनके नाम राजेश,अतुल और आलोक हैं। पुलिस पिछले पांच महीने से इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी।आरोपियों के घरों पर डुग्गी मुनादी कराने के साथ-साथ नोटिस भी चस्पा किए गए थे, लेकिन उन्होंने न तो न्यायालय में और न ही कोतवाली में आत्मसमर्पण किया। न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद देहात कोतवाली पुलिस ने राजेश,अतुल और आलोक की तलाश और तेज कर दी है।
पुलिस की तलाश जारी
इन तीनों आरोपियों को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो उनके रिश्तेदारों और परिचितों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। 16 नवंबर को जब पूर्व फौजी आनंद यादव ड्यूटी पर जा रहे थे, तब उन्हें रास्ते में रोककर पुराने विवाद के चलते हमला किया गया था। इस हमले में भगवान शंकर, अंकुश, अतुल, आलोक, सत्यम विजय और राकेश सहित अन्य आरोपी शामिल थे। उन पर बांके और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया गया था।देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि न्यायालय ने राजेश, अतुल और आलोक को भगोड़ा घोषित किया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़ित आनंद यादव की पत्नी मंजू देवी ने देहात कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं रही है, जबकि वे खुलेआम घूम रहे थे।

