लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ने कार्रवाई करते हुए एक जेई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि निर्माण कार्य को लेकर कार्रवाई का डर दिखाकर और आईजीआरएस शिकायत खत्म कराने के नाम पर लाखों रुपये की मांग की जा रही थी। विजिलेंस टीम ने शनिवार को एलडीए कार्यालय के बाहर ट्रैप लगाकर तीनों को 7.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।मामला एलडीए के जोन-5 से जुड़ा है। विजिलेंस के अनुसार, एक व्यक्ति ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसके निर्माणाधीन भवन को रुकवाने की धमकी दी जा रही है। साथ ही आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत का समाधान कराने के बदले रकम मांगी जा रही है।शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने पूरे मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर टीम ने रिश्वत लेते पकड़ने की योजना बनाई। शनिवार को तय स्थान पर शिकायतकर्ता रकम लेकर पहुंचा। जैसे ही आरोपियों ने रुपये लिए, विजिलेंस टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पहले मांगे 15 लाख, फिर तय हुई रकम
शिकायत के मुताबिक, एलडीए के जेई दिनेश कुमार वर्मा और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश ने शिकायतकर्ता से पहले 15 लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि रकम न देने पर निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बाद में बातचीत के बाद 7.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
निजी व्यक्ति के जरिए लेने का आरोप
विजिलेंस जांच में सामने आया कि जेई और सुपरवाइजर कथित तौर पर निजी व्यक्ति श्रवण कुमार के माध्यम से रिश्वत की रकम लेने की तैयारी में थे। कार्रवाई के दौरान तीनों को मौके से पकड़ लिया गया और रिश्वत की पूरी रकम बरामद की गई।गिरफ्तार आरोपियों में जेई दिनेश कुमार वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और निजी व्यक्ति श्रवण कुमार शामिल हैं। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है। मोबाइल कॉल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

