बलरामपुर। जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल भी सिखाया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से जिले के 78 माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए 156 वोकेशनल ट्रेनरों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में दो अलग-अलग ट्रेड संचालित होंगे और हर ट्रेड के लिए एक प्रशिक्षक तैनात किया जाएगा। योजना के तहत कक्षा 9 के विद्यार्थियों को रिटेल, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी, कृषि तथा मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक ट्रेड में कम से कम 25 विद्यार्थियों का प्रवेश अनिवार्य होगा। प्रशिक्षक प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण देंगे, जबकि सप्ताह में कुल छह घंटे व्यावसायिक शिक्षा की कक्षाएं संचालित होंगी।
15 हजार रुपए मानदेय
वोकेशनल ट्रेनरों को 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। नियुक्ति के लिए संबंधित ट्रेड में स्नातक, राष्ट्रीय कौशल अर्हता फ्रेमवर्क (NSQF) का प्रमाणपत्र और संबंधित क्षेत्र में कम से कम एक वर्ष का कार्यानुभव अनिवार्य होगा। प्रशिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन हर महीने विद्यालय के प्रधानाचार्य करेंगे। सत्यापन के बाद ही मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
रोजगार और स्वरोजगार की बढ़ेंगी संभावनाएं
जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा लागू होने से छात्र-छात्राओं में तकनीकी दक्षता विकसित होगी और उन्हें भविष्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। विभाग का लक्ष्य है कि सभी चयनित विद्यालयों में योजना का संचालन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

