बलरामपुर में पछुवा हवाओं ने सर्दी के प्रभाव को और तेज कर दिया है। सोमवार को सुबह से ही सूरज के दर्शन नहीं हुए, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आसमान में बादल छाए रहने और 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने गलन को और बढ़ा दिया है। इसके कारण न केवल जनजीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि बाजारों और किसानों के कार्यों पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।पिछले दो हफ्तों से लगातार बढ़ती ठंड ने बलरामपुर के निवासियों की दिनचर्या को बाधित कर दिया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को सुबह-शाम कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। गलन के कारण लोग जरूरत न होने पर घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। वहीं, सार्वजनिक परिवहन और अन्य गतिविधियां भी ठप होती नजर आ रही हैं।
खेतों में काम करना हो रहा मुश्किल
राप्ती नदी के तटीय क्षेत्र में ठंड का प्रभाव और ज्यादा महसूस किया जा रहा है। बादल भरे आसमान और तेज पछुवा हवाओं के कारण इन इलाकों में गलन बढ़ गई है। खासकर किसानों के लिए यह मौसम बहुत ही कठिन साबित हो रहा है। खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है और ठंड के चलते सिंचाई और अन्य कार्यों में बाधाएं आ रही हैं।
ठंड के कारण घरों में दुबके लोग
सर्द मौसम का असर बाजारों पर भी साफ नजर आ रहा है। आमतौर पर व्यस्त रहने वाले बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके हुए हैं और व्यापारियों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। छोटे व्यवसायियों और दैनिक मजदूरों के लिए यह समय बहुत कठिन हो गया है।प्रशासन की ओर से ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है। पछुवा हवाओं की गति तेज रहने और सूरज के नहीं निकलने के कारण तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और गर्म कपड़ों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।