गोण्डा। जिले में शैक्षिक सुविधाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत राजकीय जिला पुस्तकालय एवं ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी गोण्डा प्रियंका निरंजन ने की।
बैठक में जिलाधिकारी ने इस महत्वाकांक्षी योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को इसके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना से ग्रामीण अंचलों के छात्र-छात्राओं, युवाओं और आम नागरिकों को पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, रोजगार से जुड़ी जानकारी और ज्ञानवर्धक साहित्य एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘साक्षर भारत’ के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने में सहायक साबित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चयनित ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित की जाए। साथ ही इंटरनेट कनेक्टिविटी, कंप्यूटर, आवश्यक फर्नीचर और अन्य तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि डिजिटल लाइब्रेरी में ई-बुक्स, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री, सामान्य ज्ञान, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य उपयोगी डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों और विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने विभागों के बीच आपसी समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि पंचायती राज, शिक्षा और पुस्तकालय विभाग मिलकर कार्य करें, तभी योजना का उद्देश्य पूरा होगा। जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव ने ग्राम पंचायत स्तर पर की जा रही तैयारियों और मॉनिटरिंग व्यवस्था की जानकारी दी। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे ने डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना से जुड़े प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला।
बैठक में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और मुख्य कोषागार अधिकारी ने भी अपने-अपने विभागों से संबंधित सुझाव दिए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना जिले के शैक्षिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे जनसहभागिता के साथ सफल बनाया जाएगा।



